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अमेरिका ने भारत को दिया जोर का झटका…!

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ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका ने भारत को झटका देना शुरू कर दिया है. कश्मीर के रहनेवाले भारतीय एथलीट को वीजा देने से अमेरिका ने इनकार कर दिया है. इस इनकार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नयी वीजा नीति से जोड़ कर देखा जा रहा है. इतना ही नयी वीजा नीति से वहां अब भारतीय पेशेवर को भी नौकरी मिलने में परेशानी होगी.

बताया जाता है कि कश्मीर घाटी के स्नोशुअर (एथलीट) खिलाड़ी और उसके मैनेजर को अमेरिका ने कथित रूप से वीजा देने से इनकार कर दिया है. न्यूयार्क के सारानैक लेक गांव के मेयर क्लायड राबिड्यू ने अपने फेसबुक पेज पर इसे लिखा है. उन्हें यह जानकारी कश्मीर के रहने वाले मित्र आबिद खान ने दी. उनके अनुसार कश्मीर के स्नोशुअर खिलाड़ी तनवीर हुसैन और उसके मैनेजर आबिद खान को न्यूयार्क में 24-25 फरवरी को प्रस्तावित वर्ल्ड स्नोशू चैंपियनश्प्सि में हिस्सा लेना था. हालांकि इस मामले में अमेरिकी दूतावास के अधिकारियाें की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.

उधर अमेरिका ने भारतीय पेशेवरों को भी बड़ा झटका देने का काम कया है. अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा में एच-1बी वीजा में सुधार को लेकर नया विधेयक पेश किया गया. यह विधेयक यदि पारित होता है तो अमेरिका में कंपनियां एच-1बी वीजा देकर विदेशी पेशेवरों को आसानी से नौकरी नहीं दे पाएंगी. इसका सबसे बड़ा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ेगा. कैलिफोर्निया के सांसद जोए लोफग्रेन ने ‘हाई स्किल्ड इंटिग्रिटी एंड फेयरनेस एक्ट 2017’ (उच्च कुशल निष्ठा एवं निष्पक्षता अधिनियम 2017) विधेयक पेश किया. इस विधेयक के मुताबिक एच-1बी वीजा पर बुलाए जाने वाले पेशेवर को 1.30 लाख डॉलर से अधिक के वेतन पर ही नियुक्त किया जाएगा. वर्तमान में ऐसे वीजाधारक के न्यूनतम वेतन की सीमा 60 हजार डॉलर है. संभावना है कि ट्रंप एच-1बी वीजा पर कार्यकारी आदेश भी ला सकते हैं. इसका मसौदा तैयार है. इतना ही नहीं, वीजा देने के लिए प्रचलित लॉटरी प्रणाली में भी बदलाव हो सकता है.

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