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डेविस कप में युगल का विश्व रिकॉर्ड बनाने की ओर लिएंडर पेस

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सभी की निगाहें अनुभवी टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस पर लगी होंगी जो न्यूजीलैंड के खिलाफ शुक्रवार (3 फरवरी) से शुरू होने वाले एशिया ओसनिया ग्रुप डेविस कप मुकाबले में शायद अंतिम बार खेलेंगे और ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रहे हैं. अठारह बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन पेस अपने 55वें डेविस कप मुकाबले में शिरकत करने के लिये तैयार हैं और युगल स्पर्धा में 42 युगल जीत दर्ज कर अभी इटली के निकोला पिएट्रांगेली के साथ बराबरी पर हैं. शनिवार की जीत उन्हें डेविस कप इतिहस का सबसे सफल युगल खिलाड़ी बना देगी. पेस को हालांकि अंतिम समय में शामिल किये गये और उनके लंदन ओलंपिक युगल जोड़ीदार विष्णु वर्धन के साथ खेलना होगा क्योंकि उनके साथ खेलने वाले साकेत मायनेनी पिछले महीने चेन्नई ओपन के दौरान लगी पैर की चोट से उबरने में असफल रहे.

अपने अंतिम मुकाबले में टीम की अगुवाई कर रहे आनंद अमृतराज ने पुणे में 43 साल बाद होने वाले मुकाबले के ड्रा के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘मायनेनी की चोट अभी तक ठीक नहीं है.’ पेस और राष्ट्रीय हार्डकोर्ट चैम्पियन वर्धन का सामना मुकाबले के दूसरे दिन न्यूजीलैंड के आर्टेम सिटाक और माइकल वीनस की जोड़ी से होगा. तीन लोगों के भारत के शीर्ष युगल खिलाड़ी रोहन बोपन्ना से बात करने के बाद वर्धन को शामिल किया गया, टीम के कप्तान अमृतराज ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘तीन लोगों ने उससे बात की. मैंने नहीं की. मैं नहीं जानता कि सही में क्या हुआ.’ पेस ने इस बारे में कहा कि वह कल बोपन्ना से बात करना चाहते थे लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया.

रियो ओलंपिक में बोपन्ना और पेस ने जोड़ी बनायी थी लेकिन पहले दौर में ही बाहर हो गये थे. पेस ने कहा, ‘मैंने ही रोहन को फोन करने का सुझाव दिया था लेकिन मुझे कहा गया कि मैं फोन नहीं करूं.’ उन्होंने हालांकि यह बताने से इनकार कर दिया कि किसने उन्हें ऐसा करने से रोका. युकी भांबरी (368 रैंकिंग) न्यूजीलैंड के नंबर एक खिलाड़ी फिन टीयर्ने (414 रैंकिंग) के खिलाफ भारत के अभियान की शुरूआत करेंगे जबकि रामकुमार रामनाथन (206 रैंकिंग) की भिड़ंत दूसरे एकल में जोस स्टाथम (417 रैंकिंग) से होगी. ऊंची रैंकिंग और घरेलू कोर्ट में खेलने के फायदे से कागज पर भारत का पलड़ा स्पष्ट रूप से न्यूजीलैंड पर भारी लगता है जिनके खिलाफ उनका जीत-हार का रिकॉर्ड 5-3 का है जिसमें से सारी शिकस्त 1970 के दशक में मिली हैं.

भारत 1978 से न्यूजीलैंड से नहीं हारा है जब ओनी पारून की अगुवाई वाली न्यूजीलैंड ने नयी दिल्ली में पूर्वी क्षेत्र के सेमीफाइनल में 4-1 से उन्हें हराया था. लेकिन टीम न्यूजीलैंड को हल्के में लेने की गलती नहीं कर सकती क्योंकि जुलाई 2015 में क्राइस्टचर्च में हुए एशिया ओसनिया ग्रुप एक के सेमीफाइनल में उनकी टीम कठिन साबित हुई थी और टीम के कप्तान अमृतराज ने भी यह बात स्वीकार की थी. अमृतराज ने याद करते हुए कहा, ‘उनकी युगल टीम मजबूत है लेकिन हम उनके एकल खिलाड़ियों को हल्के में नहीं ले सकते. जब हम पिछली बार उनसे भिड़े थे तो 1-2 से पिछड़ गये थे. लेकिन हमने वापसी करते हुए जीत दर्ज की थी.’

पेस इस मुकाबले में नहीं खेले थे और इससे पहले भारत के 2012 में चंडीगढ़ में न्यूजीलैंड पर 5-0 की क्लीन स्वीप में भी वह भाग नहीं ले पाये थे. लेकिन न्यूजीलैंड पर 2004, 2003 और 2002 में पिछली तीन जीत में उन्होंने अहम भूमिका अदा की थी, जिसमें वह एकल और युगल में (महेश भूपति के साथ) खेले थे. अमृतराज इस बात से खुश थे कि भांबरी भारत के लिये कोर्ट पर उतरने वाले पहले खिलाड़ी होंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं युकी को पहले खिलाने से खुश हूं, फिर रामकुमार खेलेंगे.’ पेस ने खुद के बारे में कहा, ‘मैं हमेशा भारतीय तिरंगे के लिये खेलने को तैयार रहता हूं. बल्कि हम सभी ऐसा करना पसंद करते हैं. हम बतौर टीम खेलते हैं.’ मैच दोपहर और दूधिया रोशनी में खेले जायेंगे. इस मुकाबले का विजेता उज्बेकिस्तान और कोरिया के बीच सात से नौ अप्रैल तक होने वाले दूसरे दौर के मुकाबले से भिड़ेगा.

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