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पटना और पटियाला जैसे छोटे शहरों से स्टार्टअप भर रहे बड़ी उड़ान

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  • साभार-yourstory

मोबाइल और इंटरनेट के इस दौर में भारत के छोटे शहर, मेट्रो शहरों की अपेक्षा तकनीकी स्टार्ट अप्स को ज्यादा आकर्षित कर रहे हैं। स्टार्ट अप्स की दुनिया में 2015 के बाद से यह प्रचलन अधिक देखने को मिल रहा है। इनमें कुछ को सफलता मिली और कुछ को नहीं, लेकिन असली मुद्दा यह है कि पटना हो या पटियाला, अजमेर हो या कोयंबटूर, छोटे शहरों में आधारित स्टार्ट अप्स का ग्रोथ रेट काफी अच्छा है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ स्टार्टअप्स के बारे में:

बड़े शहरों के साथ ही छोटे शहरों में कई सारे स्टार्टअप जन्म ले रहे हैं और आगे भी बढ़ रहे हैं। इसके पीछे कई सारी वजहे हैं, जो कि स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए काफी अच्छी बात है।

आर्टिक बोट

आर्टिक बोट की टीम

26 वर्षीय वीपी राहुल और रिजिन रमेश, दो युवाओं ने मिलकर इस स्टार्टअप की शुरूआत की है। इस प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों की बिजनस संबंधी दुविधाओं को दूर किया जाता है। यह प्लेटफॉर्म 100 अलग-अलग भाषाओं में काम करने में सक्षम है। यह स्टार्टअप मशीन द्वारा लर्निंग की अवधारणा पर आधारित है। विशाल कृष्णा बताते हैं कि इस प्लेटफॉर्म की अवधारणा उनके दिमाग में व्यक्तिगत अनुभवों से आई। उन्होंने राहुल के हवाले से कहा कि अगर आप टीम के साथ बिजनस कर रहे हैं तो ऑर्गनाइजेशन के कस्टमर केयर को कॉल करके सवाल पूछना काफी असुविधाजनक काम है। उनका मानना है कि एक मशीन या सॉफ्टवेयर यह काम इंसानों की अपेक्षा अधिक सटीक ढंग से और तेजी से कर सकते हैं।

द ब्लिंग स्टोर्स

इस स्टार्टअप के केंद्र टियर-II और टियर-III शहरों में स्थित हैं। इस स्टार्टअप की खासियत है कि वह ऑनलाइन मार्केट में विमिंज अक्सेसरीज के मामले में अपनी अलग जगह रखता है।

द बिलिंग के फाउंडर राज खत्री

इस स्टार्टअप की शुरूआत राज खत्री, मनीषा खत्री, मुनमुन कनोई और अमिताभ चंद्रा ने मिलकर की थी। इन चारों का मानना है कि छोटे शहरों के लोग भी फैशन उत्पादों पर पैसा खर्च करने से गुरेज नहीं करते। ट्रेंड को छोटे शहरों के लोगों तक पहुंचाने के लिए इन लोगों ने ई-कॉमर्स का सहारा लिया।

इस स्टार्टअप के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वह छोटे शहरों के लोगों को ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए प्रेरित कर सकें। राज का कहना है कि जब उनकी टीम ने स्टार्टअप शुरू किय था, तब उनका कॉन्सेप्ट नया था और ज्यादातर उत्पादों को वे व्यक्तिगत रूप से चेक करके ही निवेश करते थे।

क्रूसैडर्स टेक्नॉलजीज़

समुद्री यात्रा करने वाले हवा की जुबान समझते हैं और अपना बिजनस करने वालों को ऐसा ही होना चाहिए। इस स्टार्टअप के संस्थापकों ने इस बात के शाब्दिक अर्थ को और इसके पीछे छिपी हुई सीख, दोनों ही को संजीदगी से अपनाया। तेजी से बढ़ते जानलेवा वायु प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए दिल्ली आधारित कंपनी क्रूसैडर्स टेक्नॉलजीज एयर-प्यूरीफायर्स और प्रदूषण से बचने के लिए मास्क बना रही है। इन दोनों ही उत्पादों का अत्यधिक प्रदूषण वाले शहरों में बड़ा बाजार है।

क्रुसेडर्स की टीम

यह कंपनी सालों से प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले उत्पाद बना रही है। प्यूरीफायर्स और मास्क के साथ-साथ यह कंपनी सीलिंग माउंट यूनिट, कार एयर प्यूरीफायर, ओजोन एयर प्यूरीफायर, फ्रूट ऐंड वेजिटेबल प्यूरीफायर, रेफ्रिजरेटर ओजोनेटर, एयर क्वॉलिटी मीटर और फिल्टर भी बनाती है। वैश्विक स्तर पर बाजार में इस कंपनी के कई प्रतिद्वंद्वी हैं।

कंपनी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक कपिल चावला के मुताबिक, उनकी कंपनी की सबसे खास बात उनकी रिसर्च है, जो भारतीय पर्यावरण और परिवेश पर केंद्रित होती है। उनका मानना है अपनी रिसर्च के बल पर ही कंपनी सालों से सही दामों पर उत्पाद उपलब्ध करा पा रही है।

बे भुक्कड़

फूड सेक्टर में स्टार्टअप्स खास रुचि ले रहे हैं और इस क्षेत्र में स्टार्टअप्स की भरमार है। रोचक है कि इस सेक्टर में ग्रोथ की संभावनाएं भी असीमित हैं। प्रांशू सिक्का ने अपने साथ काम कर चुके कुछ साथियों, शहजादा सोढ़ी, अर्पिता अशरा और सुमित सौरभ के साथ मिलकर यह स्टार्टअप शुरू किया।

बे-भुक्खड़ के फाउंडर्स
जब प्राशूं और शहजादा ने शुरूआती दौर में फूड डिलिवरी शुरू की, तब उन्हें इस क्षेत्र के बारे में कोई खास अनुभव या जानकारी नहीं थी। हालांकि, जल्द ही दोनों ‘फॉर्चूनर वाले’ और ‘बुलेट वाले’ नामों से लोकप्रिय हो गए। सुमित ने रीटेल ग्राहकों को खाना उपलब्ध कराना शुरू किया और उनका फीडबैक लेना शुरू किया। अर्पिता ने तकनीकी हिस्सा संभाला, ग्राहकों के व्यवहार और मार्केट रिसर्च पर काम किया।

फूम- फर्स्ट वन ऑन मी

लोकेश बेवरा स्टार्टअप की दुनिया के पुराने खिलाड़ी हैं। वह इससे पहले 4 स्टार्टअप्स की शुरूआत कर चुके हैं- मायप्रीपेडटैक्सी, 360 कैब्स, 360 राइड और सेंडथ्रूमी। वह अक्सर रेस्तरां और पब में दोस्तों के साथ जाते थे और बिजनस मीटिंग्स करते थे।

फूम की टीम
यह उनका पांचवां स्टार्टअप है। यह एक सब्सक्रिप्शन-बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जिसकी मदद से ग्राहक रजिस्टर्ड बार और पब से मुफ्त ड्रिंक्स मंगा सकते हैं। लोकेश और उनकी टीम ने पब और रेस्तरां से करार कर रखाहै, जहां पर उनके ग्राहक मुफ्त ड्रिंक (अल्कोहलिक और नॉन-अल्कोहलिक) का लुत्फ उठा सकते हैं।

 

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