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पहल: बिहार के इस जिले में खुले में शौच की ‘सजा’ है पेड़ लगाना, जानिए

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यहां खुले में शौच से मुक्त बनाने में बाधक लोगों जो सजा दी जा रही है, उससे न केवल गांव, समाज व पीढिय़ां सबक लेंगी, बल्कि धरा भी हरियाली के रूप में याद रखेगी। यह अनोखी सजा ग्राम कचहरी की विशेष पीठ स्वच्छता अदालत सुना रही है। सजा के रूप में खुले में शौच करने वाले को एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना अनिवार्य किया गया है।


खुले में शौच से मुक्त बनने जा रहे राज्य के पहले जिले रोहतास में खुले में शौच करने वालों को पांच तरह की सजाएं दी जा रही हैं, जिनमें एक सजा पौधरोपण है। इस सजा को पाए लोग अब तक तीन सौ से अधिक पौधे लगा चुके हैं।

स्वच्छता अदालत की कार्रवाई
ओडीएफ का उल्लंघन करने वाले लोगों को स्वच्छता अदालत दंडित करती है। आर्थिक दंड के साथ उन्हें माला पहनाकर शर्मिंदा किया जाता है, ताकि उन्हें अपनी जवाबदेही का अहसास हो सके। इसके अलावा सत्याग्रह केंद्रों पर उनका नाम काले अक्षर में इसलिए लिखा जाता है कि उनके द्वारा फैलाई जा रही गंदगी से पंचायत के नाम पर कालिख पुत रही है। जिनका नाम काली सूची में दर्ज हो जाता है, अनुमंडल दंडाधिकारी ऐसे लोगों को रोकने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के तहत दंडात्मक कार्रवाई कर रहे हैं।

गुनाह की याद दिलाएगा वृक्ष
ओडीएफ का उल्लंघन करने वाले लोगों द्वारा लगाए गए पौधे न सिर्फ पर्यावरण की रक्षा करेंगे, बल्कि उनके गुनाह की याद भी दिलाएंगे। जब भी वे उस वृक्ष को देखेंगे, उन्हें अपना गुनाह याद आ जाएगा। आर्थिक दंड के रूप में वसूली गई राशि का उपयोग पंचायत स्वच्छता से संबंधित कार्यों में खर्च कर सकेगी।

महात्मा गांधी और पीएम से प्रेरणा
महात्मा गांधी के सिद्धांतों से प्रेरणा ले गांवों में सत्याग्रहियों को तैयार कर ग्राम कचहरी के माध्यम से स्वच्छता अदालत लगाई गई जिसके तहत खुले में शौच करते पकड़े जाने वालों को ग्राम कचहरी पांच तरह की सजा दे रही है। एक सजा पौधरोपण की है। डीएम कहते हैं कि इस सजा से जहां पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को बल मिल रहा है, वहीं पौधरोपण से धरा हरियाली से लहलहा उठेगी। जिले के विभिन्न प्रखंडों में अब तक तीन सौ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि 11 लाख से अधिक राशि जुर्माना के तौर पर वसूल की गई है।

ये हैं पांच तरह की सजाएं
1. एक हजार रुपये जुर्माना
2. गांधीगीरी के तहत माला पहनाना
3.सूचना पट पर काले अक्षर में उनका नाम लिखना
4. आइपीसी की धारा 133 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
5. एक पौधा लगा उसकी देखभाल करना अनिवार्य।
सजा के पीछे ये है उद्देश्य
डीएम अनिमेश पराशर कहते हैं कि खुले में शौच करते पकड़े जाने पर सजास्वरूप पौधे लगवाने का उद्देश्य यह है कि ऐसे व्यक्ति जिनकी गंदगी से पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है, उनसे पर्यावरण की स्वच्छता के लिए काम कराया जाए।

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