बिहार समाचार

पृथ्वी की रक्षा आने वाली पीढ़ी की रक्षा : नीतीश

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोगों के पास अधिक समय नहीं है। 10-20 सालों के अंदर पर्यावरण संतुलन को ठोस कार्य नहीं हुए तो आगे जीवन मुश्किल में पड़ जाएगा। पृथ्वी की रक्षा सिर्फ अपनी रक्षा ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की भी रक्षा है। पर्यावरण की समस्या को हर एक को समझना होगा। मुख्यमंत्री बुधवार को ज्ञान भवन में बिहार पृथ्वी दिवस 2017 के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों में जागृति पैदा करने के लिए ही पृथ्वी दिवस और वृक्ष रक्षा दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री समेत वहां उपस्थित सभी ने पर्यावरण की रक्षा के लिए 11 संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये संकल्प अपने आप में ऐसे हैं कि हर आदमी इस पर चले तो पर्यावरण असंतुलन की समस्या खत्म हो जाएगी। ये संकल्प थे : पर्यावरण संतुलन के लिए प्रयास करूंगा, साल में कम-से-कम एक पौधा लगाऊंगा और उसकी रक्षा करूंगा, तालाब नदी व पोखर को प्रदूषित नहीं करूंगा, जल का दुरुपयोग नहीं करूंगा, बिजली का सही उपयोग करूंगा, कूड़ा-कचरा कूड़ेदान में ही डालूंगा, अपने स्कूल व घर को साफ रखूंगा, प्लास्टिक-पॉलिथिन का उपयोग नहीं करूंगा, पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम का भाव रखूंगा, नजदीक के कार्य पैदल अथवा साइकिल से करूंगा, कागज का अनावश्यक उपयोग नहीं करूंगा। जल के प्रवाह से ही जाएगा गंगा का गाद उन्होंने गंगा नदी के गाद की चर्चा की और कहा कि, इस समस्या का हल गाद को हटा कर नहीं किया जा सकता है। जल का प्रवाह इतना होना चाहिए कि उसके साथ गाद बहता हुआ समुद्र में चला जाए। डैम और बराज बना देने से जल का प्रवाह रुक जाता है। गंगा की अविरलता और निर्मलता को लेकर केंद्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए कई पहल की गई है। यह भी देखना होगा कि कचरा नदी में नहीं जाए। उन्होंने घोषणा की कि सभी सरकारी संस्थानों के खाली परिसर में बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे। हमरा लक्ष्य बिहार की हरियाली क्षेत्र को 17 फीसदी करना है। चौथी कक्षा में पहली बार मिला चप्पल मुख्यमंत्री ने कहा कि वे चौथी कक्षा में पहुंचे तब उन्हें पहनने के लिए पहली बार हवाई चप्पल मिला। आज तक उस चप्पल का रंग नहीं भूलते हैं। आजकल तो देखते हैं कि पैसे वाले घर के बच्चे एसी कमरे में पढ़ते हैं और एसी गाड़ी में स्कूल जाते हैं। स्कूल भी एसी है। ऐसे बच्चे जब बड़े होकर ऑफिसर बनेंगे तो कैसे काम करेगे? आईएएस बनें या आईपीएस, बहुत काम करना पड़ता है। एसी में रहने वाले बच्चे कैसे करेंगे। उसका तो तुरंत पसीना छूटने लगेगा। बेहोश हो जाएंगे।

BIHAR EARTH DAY

बिहार पृथ्वी दिवस पर मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा कि टेक्नोलॉजी के विकास से लोगोें को फायदा हो रहा है लेकिन इससे पर्यवारण का भी नुकसान हो रहा है और हमलोगों को इसका ध्यान रखना चाहिए. पूरी खबर पढने के लिए यहाँ क्लिक करें – https://goo.gl/opK7C3

Posted by Yes I'm Bihari on Wednesday, 9 August 2017

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