THE BIHARI

बिहार के कई जिलों में बेटी बचाओ आंदोलन कर रही है यह बिहारी, आया आमिर खान का फोन

आमिर फिल्म को लेकर समाज में बेहतर काम करने वालों से संपर्क भी कर रहे हैं।

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आमिर खान की आने वाली फिल्म ‘सीक्रेट सुपर स्टार’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म रिलीज होने से पहले आमिर ने बिहार की कटिहार की रहने वाली शिल्पी सिंह से बात की है। बातचीत में आमिर ने शिल्पी के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि बिहार आने पर मुलाकात करेंगे।

ड़कियों के लिए करती हैं काम…

YESIMBIHARI.in टीम से बातचीत में शिल्पी ने कहा कि दो दिन पहले आमिर खान का कॉल आया था। उन्होंने मुझसे चार मिनट तक बात की। आमिर ने कहा कि आप जो काम कर रही हैं वह बहुत अच्छा है। दूसरे की जिंदगी में परिवर्तन लाना बहुत बड़ा काम है, आमिर ने मेरे काम के बारे में डिटेल लिया और उसकी तारीफ की। आमिर ने कहा कि बिहार आने पर आपसे मुलाकात करेंगे।
शिल्पी के हसबैंड आशिष भी काम में हेल्प करते हैं।

शिल्पी ने कहा कि आमिर की फिल्म की कहानी है कि एक छोटे शहर की मुस्लिम लड़की सिंगर बनना चाहती है। उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सभी परेशानियों को पार कर एक दिन वह सुपर स्टार बन जाती है। बहुत से लोग समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों को कोई नहीं जानता। आमिर खान ऐसे लोगों से बात कर रहे हैं। आमिर का कॉल आने के बाद लगा कि जिस मकसद के लिए मैं कोशिश कर रही हूं वह वह सफल हो रहा है।

कई बार मिल चुकी है धमकी
शिल्पी ने कहा कि बिहार के कई जिलों में बेटी बचाओ आंदोलन को लेकर काम कर रही हूं। सीमांचल में भी काफी काम किया है। बिहार में कम उम्र की लड़कियों की शादी कर दी जाती है। मैंने सैकड़ों लड़कियों की ऐसी शादी रुकवायी है। ऐसे में कई बार लड़की के परिजन दुर्व्यवहार करते हैं और गाली देने लगते हैं, लेकिन मैं पीछे नहीं हटी। सीमांचल एरिया में हर साल बाढ़ आती है। इस दौरान यहां से दलाल लड़कियों को बहला- फुसलाकर ले जाते हैं। वे लड़कियों से गंदा काम कराते हैं। ऐसी 500 से अधिक लड़कियों को मैंने मुक्त कराया है। उसमें से कई लड़कियां पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हैं। शिल्पी ने कहा कि मैंने नवगछिया में कई लड़कियों को छुड़ाया था। उसके बाद वहां के दलाल ने मुझे जान से मारने की धमकी दी। दलाल ने कहा कि लड़कियों की तरह तुझे भी उठा लेंगे।
खुद भी की बिना दहेज की शादी
शिल्पी ने कहा कि मेरा जन्म बिहार के कटिहार जिले में हुआ है। पापा का काफी सहयोग बचपन से रहा है। मेरी दो और बहनें हैं। पिता ने कभी परवरिश में लड़की होने का भेदभाव नहीं किया। वह भी लड़कियों के लिए काम करते थे। उनके इस दुनिया में नहीं रहने के बाद मैं उनके सपने को सकार करने में लगी हूं।
आशिष कुमार से यूपी के एक कार्यक्रम में मुलाकात हुई थी। फिर हमलोगों ने शादी का फैसला किया। पिता ने शादी के लिए जब आशिष के परिजनों से बात किया तो दहेज की मांग की गई। मैंने कहा कि शादी बिना दहेज के करूंगी। आशिष के पिता को उस दौरान एक और रिश्ता आया था, वहां से पैसा अधिक मिल रहा था। आशिष ने मेरा साथ दिया और हम दोनों ने बिना दहेज की शादी। मेरे ससुर दहेज नहीं मिलने से गुस्सा में थे, इसके कारण शादी में नहीं आए, फिर भी शादी हुई।  अचानक एक दिन पापा का निधन हो गया और उसके बाद घर की सारी जिम्मेवारी मेरे उपर आ गई। मेरा कोई भाई नहीं था। समाज के लोग यही कहते थे ये लड़कियां घर को कैसे आगे बढ़ाएगी। आज भी कई लोग मेरे काम को पसंद करते हैं तो कुछ नापसंद करते हैं।

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