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बिहार में गुरु सर्किट का होगा विकास: सीएम

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बिहार में सिख धर्म से जुड़े स्थलों को चिह्नित कर गुरु सर्किट का विकास होगा। प्रकाश पर्व पर गांधी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए प्रकाशोत्सव बेहद खास है। इसे यादगार बनाए रखने के लिए गुरु के बाग के पास बहुद्देशीय प्रकाश केन्द्र व उद्यान की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु का बाग पटना सिटी, बाल लीला साहिब, गुरुद्वारा हांडी साहिब दानापुर, गायघाट, राजगीर, नालंदा, मुंगेर, आरा, कटिहार, गया, नवादा, सासाराम व भागलपुर में अनेक गुरुद्वारा व धार्मिक स्थल मौजूद हैं। सीएम ने कहा कि भारत के इतिहास में बिहार शक्ति, संस्कृति व शिक्षा के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। इस धरती की महानता का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि अभी बिहार में दो धर्मों के बड़े समारोह एक साथ आयोजित हो रहे हैं। पटना में प्रकाश पर्व तो बोधगया में 34वीं कालचक्र पूजा।

गुरु गोविन्द सिंह महाराज का प्रकाश इसी धरती पर हुआ। गुरु गोविन्द सिंह जी सरवंशदानी, संत सिपाही, महान योद्धा, सफल नेतृत्वकर्ता, राजनीतिक चिंतक, श्रेष्ठ साहित्यकार, बहुभाषी विद्वान आदि सद्गुणों से संपन्न एक आदर्श व्यक्तित्व थे। 42 वर्ष की अल्पायु में ही महान कार्यों को अंजाम दिया। दबे-कुचले लोगों को साथ लेकर खालसा पंथ का सृजन कर ऐसी अदम्य शक्तिशाली सेना तैयार की जिसने अपने समय की सबसे बड़ी सैनिक शक्ति को परास्त किया। उनका पूरा जीवन अध्यात्म व मानवता की सेवा में गुजरा। खालसा पंथ को भाईचारा व बहादुरी की मिसाल के रूप में देखा जाता है।

सीएम ने कहा कि प्रकाश पर्व की तैयारी कई साल पहले ही शुरू कर दी थी। बुनियादी संरचना दुरुस्त किए गए। बिजली, ड्रेनेज, सड़कों का चौड़ीकरण, फ्लाईओवर बनाए गए। सरकारी भवनों के साथ ही टेंट सिटी बनाए गए। अल्प साधन संपन्न होने के कारण बिहार सरकार से जो भी हो सका, किया। फिर भी अगर आगंतुकों के स्वागत में कोई कमी रह गई है तो हमें क्षमा कीजिएगा। आयोजन में लगे सभी महानुभावों, अधिकारियों, कर्मियों व नागरिकों का अभिनंदन करते हुए सीएम ने कहा कि सभी ने अभूतपूर्व निष्ठा व संवेदनशीलता का परिचय दिया। तीन महीने में ही अधिकारियों ने पंजाबी बोलना सीख लिया। पूर्व मुख्य सचिव जीएस कंग, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह से लेकर पर्यटन की प्रधान सचिव हरजोत कौर, पटना के डीएम, एसएसपी, कला संस्कृति, नगर विकास व पर्यटन विभाग ने काफी सराहनीय काम किए।

सत्याग्रह पर विशेष आयोजन : सीएम ने कहा कि इस साल महात्मा गांधी के चम्पारण सत्याग्रह का शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। सौ साल पहले महात्मा गांधी जब चम्पारण आए थे तो सत्याग्रह किया। आजादी की लड़ाई में यह अहम साबित हुआ और आगे चलकर यह जनांदोलन बना। गांधी के विचारों को घर-घर व जन-जन तक पहुंचाने के लिए बिहार सरकार विशेष आयोजन करने जा रही है।

नीतीश के भाषण के दौरान एक दर्जन बार लगे जयकारे

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 18 मिनट के भाषण के दौरान सबसे अधिक लगभग एक दर्जन बार ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल व ‘वाहे गुरु जी दा खालसा वाहे गुरु जी दी फतेह के जयकारे लगे। मुख्यमंत्री ने जब प्रधानमंत्री से पूरे देश में शराबबंदी लागू करने की मांग की तो लोगों ने जयकारा लगाकर उनका समर्थन किया। जब उन्होंने गुरु सर्किट बनाने की घोषणा की तब भी जयकारे लगे। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने जब आयोजन में कोई कमी होने पर क्षमा याचना की तब संगत ने जयकारे लगाकर मानो यह जताने की कोशिश की कि ऐसी कोई बात नहीं है।

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