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बिहार में बाढ़ से भारी तबाही, बह गए आशियानें, रेस्क्यू करने उतरी सेना

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बिहार में लगातार भारी बारिश हो रही है. बाढ़ का कहर बढ़ता ही जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि करोड़ों की आबादी जहां-तहां फंसी हुई है. सीमांचल और उत्तर बिहार के कई जिलों में पानी भर गया है. नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़त देखने को मिली है. कई तटबंध टूट चुके हैं.

ग्रामीण क्षेत्र हों या फिर शहरी इलाके सब तरफ सिर्फ पानी ही पानी है. बिहार का नॉर्थ इस्ट से संपर्क टूट चुका है. जोगबनी, कटिहार और किशनगंज में कई रेलवे स्टेशन और ट्रैक डूब गए हैं. परिचालन पूरी तरह से बाधित है.

उधर नेपाल में हो रही भारी बारिश से बिहार की छोटी-बड़ी नदियों में उफान देखने को मिल रहा है. आशंका है कि स्थिति और बिगड़ सकती है. हालात से परेशान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन कर केंद्र की मदद मांगी. सीएम ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री अरुण जेटली से भी बात की. केंद्र ने सेना और एनडीआरएफ को राहत और बचाव के निर्देश दिए हैं. इसके बाद दानापुर, रांची और ओडिशा से सेना और एनडीआरएफ की टीमें सीमांचल और कोसी के जिलों में रविवार देर शाम से पहुंचने लगी हैं.

ओडिशा से हेलीकॉप्टर से एनडीआरएफ की चार टुकडिय़ों को रविवार दोपहर में पूर्णिया में राहत और बचाव कार्य के लिए उतार दिया गया. दानापुर से सेना के जवान बाढग़्रस्त इलाकों के लिए रवाना कर दिए गए है. वायुसेना के गोरखपुर बेस से फूड पैकेट गिराने के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है.

कोसी-सीमांचल में बाढ़ से हाहाकार

कोसी-सीमांचल के सभी जिलों में हजारों घर डूबे हुए हैं और कई इलाकों में रेल, बिजली और दूरसंचार सेवा भी ठप है. कटिहार का पूर्वोत्तर के राज्यों से रेल संपर्क भंग हो गया है. किशनगंज जिला पूरी तरह टापू में तब्दील हो गया है. अररिया का भी नेपाल से सड़क और रेल संपर्क भंग हो गया है. पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिले में राहत और बचाव में सेना लगाई जा रही.

नेपाल में भारी बारिश के कारण वाल्मीकिनगर गंडक बराज से लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने और नदियों में उफान की वजह से बगहा, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा और मुजफ्फरपुर के सैकड़ों गांवों में पानी घुस गया.

रेस्क्यू में जुटी एनडीआरएफ

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री से रक्षा मंत्री अरुण जेटली की बातचीत के बाद तत्काल सेना सक्रिय हुई. रविवार सुबह बाढ़ की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया. उसके बाद उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से एनडीआरएफ की 10 अतिरिक्त टुकड़ी की मांग की. बचाव कार्य के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को भी लगाया गया है.

बाढ़ के कारण अररिया का जोगबनी स्टेशन डूब गया. अररिया, किशनगंज, कटिहार और चंपारण में जगह-जगह रेल ट्रैक और मुख्य मार्ग पर पानी बह रहा. कटिहार का पूर्वोत्तर भारत से रेल संपर्क टूट गया है. दालकोला- किशनगंज रेलखंड पर भी पानी बह रहा है.

अररिया-जोगबनी रेलखंड पर फिलवक्त ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया. पश्चिम चंपारण के बगहा स्थित गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर रविवार सुबह से पानी बह रहा. इससे सप्तक्रांति एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें जहां-तहां रोक दी गईं.

उधर मिथिलांचल में भी बाढ़ की वजह से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सीतामढ़ी-शिवहर समेत कई जिलों में बाढ़ का पानी चढ़ चुका है. शहर डूबे हुए हैं. जिले के रीगा इलाके की स्थिति बहुत ही खराब है. इलाके की चीनी मिल में भी पानी भर गया है. हालात ऐसे हैं कि घरों में पानी घुस जाने की वजह से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं.

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