THE BIHARI

यह बिहारी मुस्लिम समुदाय के बीच चला रहे हैं दहेज विरोधी अभियान

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लड़कियां रहमत हैं, जहमत नहीं। यह कहते सभी हैं, पर मानने वाले कुछेक लोग ही होते हैं। मुजफ्फरपुर के चंदवारा मोहल्ले के मोहम्मद इम्तियाज इन्हीं में से एक हैं। जेएनयू से फारसी में एमए पास इम्तियाज खुद बिना दहेज शादी करने के बाद दहेज प्रथा खत्म करने के लिए अभियान चला रहे हैं। उनकी बीवी निकहत अहमद भी अभियान में साथ दे रही हैं। घर-घर जाकर यह दंपती युवाओं को दहेज मुक्त शादी के लिए प्रेरित कर रहा है। लड़के-लड़कियों और उनके माता-पिता को भी समझाते हैं कि लड़कियां रहमत हैं, जहमत नहीं। यह दंपती 13 माह के अभियान में 13 जोड़ों की शादी बिना दहेज करा चुका है। दोनों ही मुस्लिम समुदाय के युवकों को दहेज मुक्त शादी के लिए को प्रेरित कर रहे हैं। कैंपेन में राजा, बबली, बबलू, मुख्तार, गुड्डू, सोनू, प्रकाश, अविनाश, नेयाज, जावेद, फुरकान हाशमी और साजिद जैसे युवा साथ देने लगे हैं।

युवाओं की सहभागिता से ही सफल होगा अभियान

गुरुवार को दैनिक भास्कर से मोहम्मद इम्तियाज ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दहेज मुक्ति अभियान में युवाओं को आगे आना होगा। अभियान को आंदोलन बनाना होगा। तभी लड़कियों की सामाजिक स्थित सुधरेगी।

रिशेप्शन में फूल-गुलदस्ते के बजाय दहेज विरोधी नारों का पोस्टर

18 नवंबर 2016 को शहर के सर सैयद कॉलोनी स्थित मस्जिद में निकाह हुआ था। निकाह से पहले उसने खुतबा दिया था। 7-8 मिनट तक उसने लड़कियों की सामाजिक स्थिति पर प्रकाश डाला था। शादी के कार्ड पर लिखा था कि बराये मेहरबानी तोहफा किसी शक्ल में लाएं। रिशेप्शन के दौरान जोड़े के लिए तैयार मंच पर फूल-गुलदस्ते के बजाय दहेज विरोधी पोस्टर लगाए गए थे। लिखा गया था कि दहेज के कारण ही 5 लाख लड़कियां हर साल मां के पेट में मार दी जाती हैं। निकाह के बाद लड़की वालों की तरफ से खाने के इंतजाम की सख्त मनाही थी और इम्तियाज ने दुल्हन को खाली हाथ विदा कर लाया।

दहेज मुक्त शादी की घोषणा हुई तभी सैफ ने किया निकाह

इम्तियाज व निकहत से प्रेरणा लेकर मोतीपुर के रामपुरवा के सैफी ने लड़की वालों के सामने दहेज मुक्त और बिना बारात के शादी की शर्त रख दी।

हालांकि, लड़की के मुखिया पिता ने बारात लाने का आग्रह किया। निकाह को पहुंचे सैफ ने पहले अपने होने वाले साले और ससुर को मजलिस में बुलाया। कहा कि दोनों ही लोग मेहमानों को बताएं कि बारात उनके विशेष आग्रह पर आई है। सैफ ने दहेज नहीं ली है। तभी वह निकाह करेगा। लड़की वालों ने ऐसा ही किया। फिर निकाह हुआ।

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