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विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार की नई एवं नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2017 का जश्न मनाया सीड ने

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सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) ने अपने एनवायरनमेंट एक्शन ग्रुप, ‘प्लैनेट पलटन’ के साथ मिलकर 44वाँ विश्व पर्यावरण दिवस 2017 मनाया।

 ‘प्लैनेट पलटन’ के करीब 50 सदस्यों ने अपने जागरूकता अभियान के द्वारा न सिर्फ यूएनईपी के इस वर्ष के थीम- ‘लोगों को प्रकृति से जोड़ना’ को बढ़ावा दिया बल्कि एक सकारात्मक सन्देश का भी प्रचार प्रसार किया- “कनेक्ट विथ रिन्यूएबल- क्लीन एनर्जी, क्लीन एयर, क्लीन बिहार” जिसके द्वारा उन्होंने पटना के नागरिकों से नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने का आग्रह किया।

‘प्लैनेट पलटन’ जिसकी स्थापना पिछले वर्ष 5 जून को हुई थी, इस एक साल में सक्रिय रूप से पर्यावरणीय मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में शामिल रहे हैं।

 

इतना ही नहीं इन ‘ग्रीन योद्धाओं’ ने बिहार सरकार को ‘नई और नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2017’ को मंज़ूरी देने हेतु बधाइयां दीं। उनके मुताबिक़ यह नई नीति ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार का कायाकल्प कर देगी तथा सौर ऊर्जा उत्पादन में बिहार का नेतृत्व करने के लिए हमारे राज्य को सशक्त बनाएगी।

इस नीति के द्वारा बिहार की बिजली उत्पादन क्षमता में 3433 मेगावाट की बढ़ोतरी होगी जिसके परिणामस्वरूप बिहार अगले पांच वर्षों में एक ऊर्जा दक्ष राज्य के रूप में उभरकर सामने आएगा। इससे बिहार में समग्र आर्थिक विकास, कौशल विकास, विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास तथा रोजगार के अवसरों का भी लाभ होगा।

इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले ‘प्लैनेट पलटन’ के एक सदस्य सूर्यांश ने कहा, “पर्यावरण के प्रति जागरूक होने के नाते, मैं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को लोगों के बीच प्रोत्साहित करना अपना कर्तव्य मानता हूं।

बिहार सरकार की नई नवीकरणीय ऊर्जा नीति के द्वारा सौर ऊर्जा के प्रति हमारा नज़रिया पूर्ण रूप से बदल जाएगा। हम आज इस लक्ष्य से एकत्रित हुए हैं कि इस नीति के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैला सकें।

इस नीति के साथ, बिहार सरकार ने ऊर्जा संकट को कम करने की तरफ एक ठोस कदम उठाया है और मुझे लगता है कि ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा भी यह फ़र्ज़ बनता है कि हम सरकार द्वारा उठाये गए कदम का अनुसरण करते हुए नवीनीकरण का समर्थन करें।”

सीड की प्रोग्राम ऑफिसर- स्वच्छ ऊर्जा, सुश्री पूजा कुमारी ने लोगों को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार को अग्रणी बनाने के लिए उनकी भूमिका बताते हुए कहा- “हम में से बहुत नहीं जानते कि बिहार के शहरों को ऊर्जा-कुशल शहरों में बदलने के लिए सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के ज़रिये 1000 मेगावाट का उत्पादन किया जाएगा।

इस अभियान के माध्यम से, हम सार्वजनिक ज्ञान और सक्रियता को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।”

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