THE INDIANS

साइकिल से दुर्गम इलाकों में घूमकर संस्कृति व सफाई को बढ़ावा देंगे मृणाल

Get Rs. 40 on Sign up

यात्रा के दौरान मृणाल गजभिए विभिन्न राज्यों के ग्रामीण अंचल से होते हुए अपनी यात्रा पूरी करेंगे।

मृणाल ने उत्तराखंड राज्य के तहसील भटवारी के ग्राम कोटियाल स्थित संस्थान से पर्वतारोहण का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।

छत्तीसगढ़ का जिक्र होते ही लोगों के जेहन में नक्सलवाद की तस्वीर उभर जाती है। इस राज्य में पर्यटन के काफी सुंदर क्षेत्र हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां कोई नहीं आना चाहता। अंधाधुंध विकास और प्रकृति की ओर ध्यान न देने की वजह से आदिवासी संस्कृति खत्म होती जा रही है। इस संस्कृति को सहेजने और समझने के लिए प्रदेश की राजधानी रायपुर के रहने वाले 28 वर्षीय युवा मृणाल गजभिए 15 अगस्त से साइकिल से भारत भ्रमण करने जा रहे हैं। गजभिए इस यात्रा के दौरान देश के दुर्गम और अंदरूनी क्षेत्रों में पहुंचकर वहां के जनजातियों को जानेंगे और उनकी संस्कृति, खान-पान और बोली को समझने की कोशिश करेंगे।

गजभिये की यात्रा का मकसद छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देना है। वह इस पूरी यात्रा की डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाएंगे। गजभिए अपनी यात्रा के प्रथम चरण में रायपुर से गुजरात, द्वितीय चरण में रायपुर से कन्याकुमारी, तृतीय चरण में रायपुर से लद्दाख और चतुर्थ चरण में रायपुर से भूटान होते हुए पश्चिम बंगाल का भ्रमण करेंगे। उन्होंने उत्तराखंड राज्य के तहसील भटवारी के ग्राम कोटियाल स्थित संस्थान से पर्वतारोहण का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। इस यात्रा के दौरान गजभिए विभिन्न राज्यों के ग्रामीण अंचल से होते हुए अपनी यात्रा पूरी करेंगे।

इससे पहले मृणाल ने एक साल पहले 24 अप्रैल 2016 से 24 जून 2017 तक पूरे छत्तीसगढ़ का भ्रमण किया गया था। उनके द्वारा 26 जिलों में पहुंचकर दो हजार 345 किलोमीटर की यात्रा दो माह में पूरा किया गया था। इस यात्रा का नाम ‘इनसाइड जर्नी’ है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत से शुक्रवार को मृणाल गजभिए ने मुलाकात की थी। मूणत ने मृणाल को उनकी यात्रा ‘सोलो साइकिल टू फोर कार्नर ऑफ इंडिया’ के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

गजभिए इससे पहले 2016 में साइकिल से ही छत्तीसगढ़ के 27 जिलों का भ्रमण करके लोगों को स्वच्छता का संदेश दे चुके हैं। उनके पास एक ऐसी साइकिल है जो किसी भी दुर्गम सफर को आसानी से तय करवा देती है। मृणाल गांव के लोगों से मिलकर उन्हें शौचालय बनवाने की अपील कर चुके हैं। इस यात्रा के दौरान भी वह साफ-सफाई का संदेश देंगे। मृणाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग से ए सर्टिफेकिट का कोर्स कर चुके हैं। उत्तराखंड के इस इंस्टीट्यूट में देश के कुछ ही युवाओं का सेलेक्शन होता है।

Write your Comments here

comments

Show More
रहें चौबीसो घंटे बिहार और देश दुनिया की ख़बरों से अपडेट, फेसबुक पेज जरुर लाइक करें

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close