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सौभाग्य की राह में बिहार, यूपी सबसे बड़ी चुनौती

पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से सोमवार को घोषित इस योजना के तहत चार करोड़ घरों को बिजली से जोड़ना है लेकिन इसका 35 फीसद सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही है।

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केंद्र सरकार की हर घर को अगले सवा वर्ष में बिजली देने की सौभाग्य योजना की राह में सबसे बड़ी अड़चन उत्तर प्रदेश और बिहार हैं। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 71 फीसद और बिहार के 85 फीसद घरों में अभी भी बिजली नहीं पहुंच पाई है। वैसे इन दोनों राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों की स्थिति भी बेहद खराब है, ऐसे में केंद्र सरकार को इन दोनों राज्यों पर सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा।

पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से सोमवार को घोषित इस योजना के तहत चार करोड़ घरों को बिजली से जोड़ना है लेकिन इसका 35 फीसद सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही है। यूपी के तकरीबन 1.46 करोड़ घरों में बिजली नहीं पहुंची है। दूसरे नंबर पर बिहार है जहां के 64.95 लाख घर अभी भी बिजली से वंचित हैं।

बिजली मंत्रालय के गर्व मोबाइल एप के मुताबिक देश में 17.92 करोड़ ग्रामीण आवास हैं जिनमें से 13.87 करोड़ घरों में बिजली कनेक्शन हैं। इस तरह से सिर्फ ग्रामीण इलाकों में ही 4.05 करोड़ ऐसे घर हैं जिन्हें बिजली से जोड़ना है जबकि सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस स्कीम से चार करोड़ घरों को बिजली दी जाएगी। साफ है कि इस स्कीम का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में ही लागू होगा। दूसरी तरफ स्थिति यह है कि विश्व बैंक का डाटा बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में कंपनियों को अभी भी 3.50 रुपये से लेकर 5.00 रुपये तक का घाटा होता है। ऐसे में सरकार को सिर्फ इन घरों को बिजली कनेक्शन ही नहीं देना होगा बल्कि इसका भुगतान ये लोग समय पर करे, इसे भी सुनिश्चित कराना होगा।

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