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13 की उम्र में 3 बार स्टेट चैंपियन, लोग कहते हैं बिहार की ‘सायना’

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कहते हैं पूत के पांव पालने में ही दिखने लगते हैं इसी कहावत को चरितार्थ कर रही है बिहार के पूर्णिया की सलोनी. महज 13 साल की उम्र में इस लड़की ने बैडमिन्टन कोर्ट में ऐसी बादशाहत जमायी है कि लोग उसे अभी से ही सायना नेहवाल कहने लगे हैं.

पूर्णिया के मधुबनी की 13 साल की सलोनी अब तक तीन बार स्टेट चैम्पियन बन चुकी है और सात बार जूनियर बैडमिन्टन में राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिये चयनित हो चुकी है. अन्डर-17 और एसजीएफआई बैडमिन्टन 17 में भी वो स्टेट चैम्पियन रह चुकी है.

अब तक स्कूली प्रतियगिता से लेकर स्टेट और नेशनल लेवल तक के गेम में वो कुल 30 मेडल ला चुकी है . सलोनी कहती है कि उनकी इच्छा है कि वे अन्तर्राष्ट्रीय मैच खेलकर अपने जिला, राज्य और देश का नाम रौशन करें.

उन्होंने बताया कि पूर्णिया में सिंथेटिक कोर्ट नहीं होने के कारण नेशनल गेम में थोड़ी परेशानी होती है साथ ही संसाधन का अभाव थोड़ा खलता है. पिछले दिनों सलोनी की प्रतिभा से कायल होकर तत्कालीन डीआईजी उपेन्द्र सिन्हा और चिकित्सकों ने सहयोग कर  जून 2017 में प्रशिक्षण के लिये सलोनी को प्रकाश पादुकोण के कोचिंग सेंटर में बेंगलुरु भेजा था .

सलोनी की प्रतिभा से उनकी मां मंजू देवी, पिता अमोद सिंह और  कोच इजहार आलम भी काफी खुश हैं । मां का कहना है कि बैडमिन्टन काफी खर्चीला गेम है . लेकिन वे अपने घर के खर्च में कटौती कर बेटी को गेम में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है.

सलोनी के कोच इजहार आलम ने कहा कि जरुरत है कि कोई स्पांसर मिले ताकि सलोनी और इनके जैसे कुछ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे खेलनें में मदद करे. सलोनी के पिता अमोद सिंह एक दवा कंपनी में एरिया मैनेजर का काम करते हैं.

पूर्णिया के डीएम भी सलोनी की प्रतिभा के कायल हैं. डीएम प्रदीप कुमार झा ने कहा कि सलोनी अच्छी खिलाड़ी हैं. उन्होंने पूर्णिया का नाम रौशन किया है लिहाजा डीएम ने भी उसे सम्मानित किया है.

उन्होंने कहा कि सिंथेटिक कोर्ट का प्रस्ताव बिहार सरकार को भेज दिया गया है साथ ही कला संस्कृति व खेल मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने भी इन्डोर स्टेडियम का निरीक्षण किया था.

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