बिहार समाचार

60 साल बाद पटना घाट स्टेशन पहुंची पहली यात्री ट्रेन

Get Rs. 40 on Sign up

​प्रकाशोत्सव से जुड़ी रेलवे की पहली मेमो ट्रेन सोमवार की सुबह 5.30 बजे पटना जंक्शन से खुली और राजेन्द्रनगर, गुलजारबाग, पटना साहिब होते हुए पटना घाट पहुंची। 60 साल बाद पटना घाट पर किसी यात्री गाड़ी को देखकर लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।

इस रूट पर मेमो ट्रेन चलाए जाने का स्थानीय लोगों ने इसे जारी रखने की अपील की। पूरे रेल परिसर में गुरु गोविंद सिंह के जयकारे लगाए, लोग कोई ट्रेन के साथ सेल्फी लेने में मशगुल रहे।

ट्रैक के दोनो ओर लोगों की लंबी लाइनपटना साहिब से ज्यों ही यह ट्रेन पटना घाट की ओर खुली ट्रैक के दोनों ओर काफी संख्या में लोग जमा हो कर उत्सुकता से ट्रेन को देखने लगे।
जाम से आजिज पटना सिटी के लोगों ने रेलवे की इस सेवा को सराहा और इसे प्रकाशोत्सव के बाद भी चालू रखने की अपील की। पटना घाट के प्लेटफॉर्म पर कौतूहल का यह नजारा अल सुबह शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा।

हर कोई प्रकाशोत्सव के बहाने मिली नई रेल सेवाओं को लेकर खुश दिखा। दोपहर बाद सात जोड़ी ट्रेनों की आवाजाही का यह सिलसिला चलता रहा और परिसर गुलजार रहा।

मालसलामी से आगे नहीं जाती थी ट्रेनलगभग 60 साल पहले इस रूट पर मालगाड़ियों का परिचालन होता था और पास में बड़ी मंडी होने कारण यहां बड़ी संख्या मे व्यवसाय से जुड़े लोगों का जुटना होता था। समय के साथ इस बाजार का दम टूटने लगा, जिसके बाद पटना घाट पर माल लदान के लिए ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई।
पहला टिकट रखेंगे जीवन भरपटना घाट स्टेशन पर सोमवार को टिकट काउंटरों को खोला गया। पटना घाट से पटना जंक्शन के लिए खुली पहली ट्रेन में टिकट नहीं कटी। न तो यात्री ही ट्रेन में टिकट लेने को दिलचस्पी दिखा रहे थे और न काउंटरों पर यह सेवा ही शुरू की जा सकी थी।

लगभग साढ़े आठ बजे काउंटर से पहली टिकट पटना घाट से दानापुर के लिए कटी। पहला टिकट लेकर यात्रा कर रहे यात्री रवि ने बताया कि वे आजीवन इस रेल टिकट को अपने पास रखेंगें।

पटना घाट पर काउंटर व अन्य सेवाएं चालूपटना घाट स्टेशन पर दो टिकट काउंटरों को फिलहाल चालू कर दिया गया है। भीड़ बढते ही रेलवे ने इंतजामों पर काम शुूरू कर दिया गया है।

यहां राजकीय रेल पुलिस काअस्थायी पोस्ट भी बनाया गया है और परिसर में काफी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है। प्लेटफॉर्म शेड, रेलवे ट्रैक, स्टेशन प्रबंधक कक्ष व यूरिनल व शौचालय का निर्माण कराया गया है। आरपीएफ की यही जगह तय है। डिजास्टर मैनेजमेंट टीम व क्लिव रेस्पांस टीम को भी लगाया गया है।

यात्रियों का टोटापटना जंक्शन से लेकर राजेन्द्रनगर तक ट्रेनों में श्रद्धालुओं का टोटा रहा। इन ट्रेनों में एक भी सिख श्रद्धालु नजर नहीं आए। हालांकि अन्य ट्रेनों का पटना साहिब स्टेशन पर स्टॉपेज दिए जाने से पटना साहिब स्टेशन पर चहल पहल रही। कदम-कदम पर खतरापटना साहिब से पटना घाट के बीच कदम कदम पर खतरा है। छोटे बच्चे व महिलाएं ट्रेन रूकने पर गलत तरीके से पटरियां पार कर रहे हैं।

इस रूट पर पेड़ों की डालियां ट्रेनों के उपर व खिड़कियों के पास यात्रियों को चोटिल कर रहीं है। सबसे बड़ा खतरा पटना घाट स्टेशन पर दिखा, जहां आधी तोड़ी गई दीवार को पटरियों के पास यूं ही छोड़ दिया गया। ट्रेन में दरवाजे के पास अगर कोई यात्री टकरा जाए तो बड़ा हादसा होना तय है।
आकार लेने लगा पटना साहिब स्टेशन इधर पटना साहिब स्टेशन पर काम तेजी से आगे बढ़ा है। मुख्य द्वार को गुरुद्वारे का शक्ल दिया जा रहा है। गुंबद का काम पूरा कर लिया गया है और दो दिनों में बचे काम को निबटा लिया जाएगा।

हालांकि निर्माण पूरा होने के बाद परिसर की भव्यता देखते बनेगी। रेलवे के सीपीआरओ एके रजक ने बताया कि रेल परिसरों में तेजी से काम जारी है। पटना जंक्शन से पटना घाट तक ट्रेनों का सफल परिचालन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 26 दिसंबर से सुविधाओं में और बढ़ोतरी कई है.

Write your Comments here

comments

Show More
रहें चौबीसो घंटे बिहार और देश दुनिया की ख़बरों से अपडेट, फेसबुक पेज जरुर लाइक करें

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close