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ICC महिला विश्व कप फाइनल: 12 साल बाद फिर मिला मौका, बेटियां लॉर्ड्स में रच दो इतिहास

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भारतीय महिला टीम जब रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ उतरेगी तो उसका लक्ष्य आईसीसी विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचने पर होगा। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम को यह मौका 12 साल के लंबे अंतराल के बाद मिला है। 2005 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम इंडिया इस मौके को गंवाना नहीं चाहेगी।

आखिरी मौका
34 वर्षीय मिताली राज के करियर का यह आखिरी विश्व कप माना जा रहा है। ऐसे में मिाताली के लिए विश्व चैंपियन बनने का यह आखिरी मौका है। दिलचस्प है कि 2005 में जब भारतीय टीम फाइनल में पहुंची थी, तब भी टीम की कमान मिताली राज के हाथ में थी। लेकिन उस समय भारतीय टीम का विश्व कप जीतने का सपना ऑस्ट्रेलिया ने तोड़ दिया था। भारतीय खिलाड़ी भी अपने कप्तान को यादगार जीत दिलाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे।

टीम में आत्मविश्वास
फाइनल मुकाबले के लिए भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा हुआ है। भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में इंग्लैंड को 35 रन से हराया था। इसके अलावा सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को जिस अंदाज में भारत ने धोया, उससे साफ जाहिर है कि खिलाड़ी इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले इस अहम मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

शानदार प्रदर्शन
टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद ही शानदार रहा है। भारत ने इंग्लैंड के बाद, वेस्टइंडीज को सात विकेट, पाकिस्तान को 95 रन, श्रीलंका को 16 रन से हराकर लगातार चार मैच जीते। उसे दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से फिर दो मैचों में शिकस्त मिली लेकिन उसने कमाल की वापसी करते हुए करो या मरो के मैच में न्यूजीलैंड को 186 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। फिर छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से रोमांचक मैच में हराकर फाइनल में जगह पक्की कर ली।

बल्लेबाजों पर नजर
जीत हासिल करने के लिए भारतीय बल्लेबाजों को एकबार फिर बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा। कप्तान मिताली राज के अलावा अब हर किसी की नजर हरमनप्रीत कौर पर भी टिक गई है जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ताबड़तोड़ शतक जड़ा था। इसके अलावा पूनम राउत और वेदा कृष्णामूर्ति भी कमाल की फॉर्म में हैं। टीम के लिए एकमात्र चिंता का विषय ओपनर स्मृति मंधाना हैं। टूर्नामेंट के शुरुआती दो मैचों में अर्धशतक जड़ने के बाद वह 10 का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी हैं।

मेजबान भी तैयार
चौथी बार खिताब जीतने के लिए मेजबान इंग्लैंड की टीम भी कमर कस चुकी हैं। वह फाइनल में भारत को हराकर उससे लीग मैच में मिली हार का बदला भी चुकता करना चाहेगी। उसे घर में खेलने का भी फायदा मिलेगा। कप्तान हीथर नाइट के अलावा टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज सारा टेलर, जेनी गुन और डेनिएला हेजल और टैमी ब्यूमोंट जैसे धुरंधर खिलाड़ी हैं।

दम दिखाने का मौका 
12 : साल पहले 2005 में भारतीय टीम ने एकमात्र बार फाइनल में जगह बनाई
35 : रन से भारत ने इस टूर्नामेंट के लीग मुकाबले में इंग्लैंड को शिकस्त दी थी
10 : मैच कुल भारतीय टीम ने विश्व कप में इंग्लैंड से खेले। 4 जीते, 6 हारे
62 : वनडे भारत ने इंग्लैंड से कुल खेले। 26 जीते, 34 हारे, 2 बेनतीजा रहे

कपिल का कारनामा दोहराने का मौका
1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने लॉर्ड्स में ही वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। इस जीत को भारत में क्रिकेट के नए युग की शुरुआत माना जाता है। मिताली राज की अगुआई में भारतीय महिला टीम उसी लॉर्ड्स के मैदान पर 33 साल बाद एकबार फिर नया इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर है।

मेजबान का दबदबा
3 : बार इंग्लैंड टीम 1973, 1993, 2009 में विश्व चैंपियन बनी है
7 : बार इंग्लैंड की टीम ने विश्व कप के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई
2 : बार इंग्लैंड ने विश्व कप की मेजबानी की और दोनों बार खिताब जीता
28 : वनडे घर में इंग्लैंड ने भारत से खेले। 21 जीते, 5 हारे, 2 बेनतीजा रहे

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